Guru nanak in HARIDWAR | गुरु नानक देव जी हरिद्वार में क्या ज्ञान दिया ?
गुरुनानक देव जी की हरिद्वार यात्रा |
गुरुनानक देव जी अपनी पूर्व की यात्रा करते हुए सबसे पहले हरिद्वार उत्तर प्रदेश मे पहुंचे जो आजकल उत्तर प्रदेश से अलग हुए राज्य उत्तराखंड मे है । जब वहा पहुंचे तो नानकदेव जी ने देखा कि यहां पर ब्रहामणो ने कई कर्मकांड चला रखे हैं ऐसे ऐसे कर्मकांड जिनको बुद्धिमान अनपढ मनुष्य भी सविकार नही करेगा, वह भी तर्क कर ही देगा ।
जब नानक देव जी सुबह सुबह स्नान करने के लिए गंगा घाट पर पहुंचे तो गुरुनानक देव जी ने देखा कि बहुत से ब्रहामण गंगा में खड़े होकर जल को सूर्य की ओर फैंक रहे थे तो नानकदेव जी ने उनसे पूछा ब्रहामण जनो यह क्या कर रहे हो ? । ब्रहामण ने उत्तर दिया - हम सूर्य को पानी दे रहे हैं जिससे वह दिनभर वह ठंडा रहेगा । यह सुनकर नानक देव जी पश्चिम दिशा की ओर जल फैंकने लगे यह देखकर ब्रहामण गुरुनानक देव जी से बोला- भाई तुम जल पश्चिम की ओर क्यो फैंक रहे हो ? नानक देव जी ने उत्तर दिया कि मेरी फसल पकिस्तान में सूख रही है मैं उसे सींच रहा हूं । यह सुनकर ब्रहामण बोला भाई तुम्हारी फसल पाकिस्तान में है इतनी दूर तुम्हारा फैंका जल कैसे जा सकता है ? तो गुरुनानक देव जी ब्रहामण को तर्क संगत जवाब देते हुए बोले, अगर मेरा फैंका जल यहां से पाकिस्तान में मेरे खेत तक नही पंहुच सकता तो तुम्हारा फैंका जल सूर्य तक कैसे पहुंच सकता है ? यह सुनकर ब्रहामण आग बबूला हो गए।
इसप्रकार हरिद्वार मे गुरुनानक देव जी ने ज्ञान फैलाया जिससे काफी लोग गुरुनानक देव जी के शिष्य हो गए। और उस स्थान पर ज्ञानगोदडी गुरुद्वारा बनाया गया ।
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