सही अर्थ_हम सुलतानी नानक तारे दादू को उपदेश दिया

ये लोग गरीबदास की इन आसान पंक्तियों को भी नही समझ सकते वेदों को के खाक समझेंगे

हम सुलतानी नानक तारे दादू को उपदेश दिया जात जुल्लहा भेद न पाया काशी मे कबीर हुआ

     भावर्थ देखें = गरीब दास कहता है  "हम सुलतानी नानक तारे " = हम और सुलतानीयों को नानक ने तारा
" दादू को उपदेश दिया " = और दादू को उपदेश दिया
"जात जुल्लहा भेद ना पाया "= पर जात का जुल्लहा समझ नही पाया
" कांशी माहि कबीर हुआ "= जो कांशी शहर मे कबीर हुआ |

गरीबदास के कहने का मतलब है कि हमे और सुलतानीयो को नानक ने तारा और दादू को उपदेश दिया पर जात का जुल्लहा कबीर समझ नही पाया कि नानक ही सतगुरु है

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